Author Archives: Hariray Goswami
मंगल बधाई..”पुष्टि रसानंद महोत्सव”
आत्मीय वैष्णवजन………………..
अत्यन्त प्रसन्नता का विषय हे की वैष्णवीनगरी सूरत में ”श्री पुष्टिघाम हवेली” के मंगल पाटोत्सव के उपलक्ष में ”पुष्टि रसानंद महोत्सव” का अद्वितीय आयोजन दि. ११/१२/२०१० से १८/१२/२०१० तक होंने जा रहा है ! तो आप सभी आत्मीय स्नेहीजन सस्नेह आमंत्रित है !
शुभम-
गो.हरिराय………..
अधिकतर जानकारी हेतु visit-www.pushtiyuvamanch.org/
सत्संग,
स्वाध्याय में प्रमाद ना करो । नित्य स्वाध्याय करो । अच्छी पुस्तकों का पठन करो । यही सच्चे मित्र हैं ।
सत्संग,
भगवान की शरण में जानेका अर्थ है भगवान की आज्ञा में रहना, उन्हीं के आदेशों के अनुसार जीना । भक्ति मार्ग के अनुरूप यही सरल उपाय है । भक्ति में आसक्ति तो है, लेकिन प्रभु में । भगवान में हुई आसक्ति का नाम है तीव्र भक्ति । इसी तीव्र भक्ति के चलते संसार की आसक्ति छूट जाती है जो दुःख का कारण है ।



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