विचार मंथन

सूत्र – ” शुद्रा एति भगवव्दिरोधित्वम ”

अर्थ- भगवद धर्म से विपरीत चलने वाले को अब्रह्मण्य शब्द के द्वारा सूचित किया गया हे! भगवान के विरोधियों को ही शुद्र कहा गया है! जाती से केवल कोई शुद्र नही है श्रुति मे कहा गया हैं की ” असुर ही शुद्र हैं ”

– संकलन-गो.हरिराय(कड़ी)

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